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फिर गरजा अमेरिका, ईरान में गूंजे धमाके! क्या पश्चिम एशिया बढ़ रहा है बड़े युद्ध की ओर?

अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमले किए, जिसके बाद कई शहरों में धमाके सुनाई दिए। ईरान ने कड़ी चेतावनी दी, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से तत्काल बातचीत की अपील की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने रविवार (स्थानीय समय) को ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए, जिससे दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी देश की जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल उसके खिलाफ किया गया तो उसे वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह अभियान राष्ट्रपति के निर्देश पर चलाया गया। सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना बताया गया। सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिका समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

ईरान का पलटवार

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि हालिया हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ईरान का आरोप है कि इन कार्रवाइयों से क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि कोई देश अपनी भूमि या सैन्य अड्डों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए करने देगा तो आत्मरक्षा के अधिकार के तहत ऐसे ठिकानों को वैध सैन्य लक्ष्य माना जा सकता है।

ईरान ने मस्कट में हुई वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को भी खारिज कर दिया। तेहरान का कहना है कि बातचीत का मुख्य विषय केवल होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री जहाजों की सुरक्षित आवाजाही था, न कि वे मुद्दे जिनका दावा अमेरिका कर रहा है।

धमाकों से दहले कई शहर

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिकी हमलों के बाद जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक समेत दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि नुकसान का आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

140 सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई

इससे पहले भी अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला चुकी है। सेंटकॉम के अनुसार हाल के अभियानों में लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों की मदद से करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन बेस, नौसैनिक अड्डे, हथियार भंडार, संचार केंद्र और तटीय निगरानी सुविधाएं शामिल थीं।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक शांति, समुद्री व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने, सैन्य कार्रवाई रोकने और सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की अपील की।

ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है और अमेरिका समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ हालिया कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं रहे। दूसरी ओर, ईरान इन दावों को सिरे से खारिज कर रहा है। ऐसे में पश्चिम एशिया में बढ़ता यह टकराव आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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